परहित सेवा संस्थान (NGO) द्वारा पाठा क्षेत्र के मानिकपुर नगर अंतर्गत आदर्श इंटर कॉलेज में पाठा की पाठशाला सीजन 02 का आयोजन किया गया । इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि ज़िलाधिकारी अभिषेक आनंद और पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने शिरकत की । ग्रामीण इलाक़ों से आने वाली छात्राओं की मौजूदगी में आज पाठा की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन हुआ । इस कार्यक्रम के तहत पाठा क्षेत्र के ग्रामीण इलाको में शिक्षा की अलख जगाने का कार्य किया जा रहा है । आदर्श इंटर कालेज में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में शनिवार को ज़िलाधिकारी अभिषेक आनंद और वृंदा शुक्ला ने छात्राओं के बीच अपने अपने अनुभव साझा किए । पाठा की पाठशाला कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए ज़िलाधिकारी अभिषेक आनंद ने कहा की ज़रूरी है की हम शिक्षा का महत्व समझे और अपनी मेहनत से समाज ke हर क्षेत्र में अपना स्थान बनाएँ । पहले यह डकैतों का गढ़ था लेकिन डकैतों के ख़ात्मे के बाद अब पाठा क्षेत्र में विकास की संभावनाएँ तेज़ी से बढ़ रहीं है इसलिए ज़रूरी है की हम अपने कौशल का विकास करें । उन्होंने छात्राओं से कहा की अब महिलाएँ समाज के हर क्षेत्र में बढ़चढ़कर भाग ले रहीं हैं इसलिए आप सभी खूब मेहनत करिए और पूरे अनुशासन के साथ पढ़ाई करिए । सफल होने के लिए यह ज़रूरी नहीं कि आप समृद्ध और मजबूत हों बल्कि कम संसाधन और गरीबी में जीने वाला भी अपनी कड़ी मेहनत से सफलता के शिखर तक पहुँच सकता है । पाठा की पाठशाला सीजन 02 में पहुँची पुलिस अधीक्षक श्रीमती वृंदा शुक्ला ने छात्राओ से रूबरू होते हुए कहा की ज़िंदगी में शिक्षा का बहुत महत्व है इसलिए ज़रूरी है की हम ख़ुद को मिले मौक़े को छोडे नही बल्कि अपनी मेहनत से सफलता प्राप्त करें । लड़कियों के लिए शिक्षा पुरुषों से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण है । क्योंकि लड़कियाँ आज भी बहुत सी सामाजिक समस्यायों से पीड़ित हैं । ये समस्याएँ आज भी इसलिए हैं क्योंकि मानसिकता बदल नहीं रही है । जो महिला अपने पैरो पर खड़ी हैं और आर्थिक रूप से मज़बूत है उसके साथ कोई ग़लत नहीं कर सकता । लड़कियों के स्वालंबन और स्वाभिमान के लिए ज़रूरी है की आप शिक्षा प्राप्त करें । शिक्षा की लड़ाई लड़ने योग्य है इसलिए आपको किसी तरह की समस्या हो मुझे बताइए मैं पूरी मदद करूँगी । कार्यक्रम के अंत में परहित सेवा संस्थान के प्रबंधक अनुज हनुमत ने कहा की हमारे एनजीओ द्वारा पाठा क्षेत्र में लगातार शिक्षा के क्षेत्र कार्य किया जा रहा है । हमारी कोशिश है उन घरों तक पहुँचने की जहाँ के बच्चे आज भी स्कूल नहीं जा रहे हैं और जो स्कूल जा रहे हैं उन्हें बेहतर भविष्य हेतु मोटिवेट किया जा सके । पाठा क्षेत्र में आज भी शिक्षा का प्रतिशत बहुत कम है और लड़कियाँ में तो ये प्रतिशत न के बराबर है । परहित सेवा संस्थान चित्रकूट के तत्वाधान में आदिवासी बालकों और बालिकाओ के शिक्षा अधिगम और शैक्षिक मूल्यांकन में सतत विकास के लिए मानिकपुर के पाठा में फिर से पाठा की पाठशाला सीजन 02 की शुरुआत की गई है । हमारा यह भी प्रयास है की ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में कमी आए और शिक्षा के स्तर में वृद्धि हो। पाठा की पाठशाला कार्यक्रम के तहत हमारा यह भी प्रयास होगा कि छात्र छात्राओं में अपने कैरियर को लेकर किसी तरह का कन्फ़्यूजन न रहे । सीजन 02 में यह सिलसिला अनवरत जारी रहेगा






