भारत ने पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शुक्रवार क दक्षिण अफ्रीका को 61 रन से हराकर चार मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। भारत के 203 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की टीम चक्रवर्ती (25 रन पर तीन विकेट) और बिश्नोई (28 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने 17.5 ओवर में 141 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज आवेश खान ने भी 28 रन देकर दो विकेट चटकाए। भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय में यह लगातार 11वीं जीत है। दक्षिण अफ्रीका की ओर से हेनरिक क्लासेन (25), गेराल्ड कोएट्जी (23) और सलामी बल्लेबाज रयान रिकल्टन (21) ही 20 रन के आंकड़े को पार कर पाए।
साउथ अफ्रीका की टीम का डरबन में रिकॉर्ड खराब होता जा रहा है। इस मैदान पर अफ्रीका की टीम ने 2016 में जीत हासिल की थी और तब से लेकर अब तक करीब आठ साल में अफ्रीका ने यहां 5 मुकाबले गंवाए हैं। वहीं भारतीय टीम की टी20 इंटरनेशनल में ये लगातार 11वीं जीत है। भारतीय टीम ने पिछले 23 मैचों में सिर्फ एक मुकाबला जिम्बाब्वे के खिलाफ गंवाया है।
लक्ष्य का पीछा करने उतरे दक्षिण अफ्रीका ने पहले ओवर में ही कप्तान एडेन मारक्रम (08) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने अर्शदीप सिंह पर लगातार दो चौके जड़ने के बाद विकेटकीपर सैमसन को कैच थमाया। सलामी बल्लेबाज रिकल्टन ने आवेश पर लगातार दो चौके मारे। ट्रिस्टन स्टब्स (11) ने अर्शदीप पर पारी का पहला छक्का जड़ा लेकिन आवेश की गेंद पर सूर्यकुमार को कैच दे बैठे।
रिकल्टन ने आवेश की लगातार गेंदों पर चौका और छक्का मारा लेकिन चक्रवर्ती की गेंद पर बाउंड्री पर तिलक वर्मा के हाथों लपके गए। टीम ने पावर प्ले में तीन विकेट पर 49 रन बनाए। क्लासेन और डेविड मिलर (18) ने पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन चक्रवर्ती और बिश्नोई ने सटीक गेंदबाजी के सामने रन गति में इजाफा करने में नाकाम रहे। चक्रवर्ती ने इन दोनों बल्लेबाजों को तीन गेंद के भीतर आउट करके दक्षिण अफ्रीका की संभावनाओं को बड़ा झटका दिया।
बिश्नोई ने भी एक ही ओवर में पैट्रिक क्रूगर (01) और एंडिले सिमेलेन (06) को आउट किया जिससे दक्षिण अफ्रीका का स्कोर तीन विकेट पर 86 रन से सात विकेट पर 93 रन हो गया। दक्षिण अफ्रीका के रनों का शतक 14वें ओवर में पूरा हुआ। कोएट्जी और यानसेन (12) ने अगले ओवर में बिश्नोई पर छक्के मारे लेकिन यानसेन इसी ओवर में हार्दिक को आसान कैच दे बैठे। दक्षिण अफ्रीका को अंतिम पांच ओवर में 89 रन की दरकार थी और टीम इस स्कोर के आसपास भी नहीं पहुंच सकी।
लगातार दो टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने वाले भारत के पहले और दुनिया के सिर्फ चौथे बल्लेबाज बने सैमसन ने 50 गेंद में 10 छक्के और सात चौके से 107 रन की अपनी पारी खेली, जिससे मेहमान टीम ने आठ विकेट पर 202 रन बनाए। सैमसन ने कप्तान सूर्यकुमार यादव (21) के साथ दूसरे विकेट के लिए 66 और तिलक वर्मा (33) के साथ तीसरे विकेट के लिए 77 रन की साझेदारी की। तिलक वर्मा गेंद को हवा में लहराकर यानसेन को आसान कैच दे बैठे। उन्होंने 18 गेंद का सामना करते हुए तीन चौके और दो छक्के मारे।
सैमसन ने पीटर पर एक और छक्का मारा लेकिन अगली गेंद पर इस शॉट को दोहराने की कोशिश में बाउंड्री पर स्टब्स को कैच दे बैठे। हार्दिक पांड्या ने भी दो रन बनाने के बाद कोएट्जी की गेंद पर यानसेन को कैच थमाया। रिंकू सिंह (11) कोएट्जी का तीसरा शिकार बने जबकि यानसेन ने अक्षर पटेल (07) की पारी का अंत किया। दक्षिण अफ्रीका की ओर से कोएट्जी सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 37 रन देकर तीन विकेट चटकाए। मार्को यानसेन ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 24 रन देकर एक विकेट चटकाया।