विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से एक दिन पहले योगी सरकार ने किसानों को बड़ा झटका दिया है. योगी सरकार ने कैबिनेट में बाई सर्कुलेशन पास 10 प्रस्ताव में गन्ने का मूल्य 370 रुपए स्थावत रखा है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट शुरू होने से पहले कैबिनेट में प्रदेश के 10 प्रस्ताव को मंजूरी दी. यह प्रस्ताव योगी कैबिनेट ने बाई सर्कुलेशन में पास किया. बाई सर्कुलेशन में प्रस्ताव को मंत्रियों के पास भेज दिया जाता है. मंत्रियों से हरी झंडी मिलने के बाद सरकार मंजूर करती है.
योगी सरकार ने लगातार दूसरे साल में गन्ना का रेट नहीं बढ़ाया है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में गन्ने के राज्य परामर्श मूल्य (SAP) 370 रुपए प्रति क्विंटल ही रहेगा. प्रदेश के 50 लाख किसानों को झटका लगा है. योगी सरकार ने 2021 से अब तक मात्र ₹20 ही गन्ने का मूल्य बढ़ाया है. इस बार किसानों को आस थी कि गन्ने का मूल्य सरकार बढ़ाएगी, लेकिन सरकार ने गन्ने का मूल्य यथावत रखा है.
गन्ने का SAP 370 रुपए प्रति क्विंटल
मंगलवार से शुरू होने वाले बजट सत्र में विपक्ष गन्ना किसानों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि प्रदेश की सभी चीनी मिलों की ओर से खरीदे जाने वाले गन्ने का SAP 370 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है. SAP में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.
अनुकंपा नियुक्ति में भी किया गया बदलाव
इसके अलावा योगी सरकार ने अविवाहित शहीदों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में संशोधन ने अब यूपी के मूल निवासी शहीद सैनिक के आश्रित भाई को भी अनुकंपा नियुक्ति मिल सकेगी. यूपी में कई ऐसे मामले हैं, जहां शहीद सैनिक की पत्नी अनुकंपा नियुक्ति के योग्य नहीं है. वहीं कुछ मामले ऐसे भी हैं, जहां शहीद सैनिक की विधवा पत्नी ने शहीद के छोटे भाई से विवाह किया है. इस तरह की स्थिति में छोटे भाई को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिलाने के लिए नियमों में संशोधन किया गया है.