Registration
Login
  • Home
  • राज्य
    • अरुणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
      • गाजियाबाद
    • उत्तराखंड
    • ओडिशा
    • कर्नाटका
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नगालैंड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश-दुनिया
  • मनोरंजन
    • खेल
    • फ़िल्मी जगत
  • राशिफल
  • व्यापार
  • I-Card Registration
No Result
View All Result
  • Home
  • राज्य
    • अरुणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
      • गाजियाबाद
    • उत्तराखंड
    • ओडिशा
    • कर्नाटका
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नगालैंड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश-दुनिया
  • मनोरंजन
    • खेल
    • फ़िल्मी जगत
  • राशिफल
  • व्यापार
  • I-Card Registration
No Result
View All Result

अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस : आपके साथ भी वही होगा जो आपने अपने बुजुर्गों के साथ किया

sampurantoday by sampurantoday
October 1, 2021
in देश-दुनिया
0
अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस : आपके साथ भी वही होगा जो आपने अपने बुजुर्गों के साथ किया
399
SHARES
2.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस को अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस, अंतरराष्ट्रीय वरिष्‍ठ नागरिक दिवस, विश्व प्रौढ़ दिवस, अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस भी कह सकते हैं। यह प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को मनाया जाता है। देश में बुजुर्गों की आबादी साल 1961 से लगातार बढ़ रही है। 1991 में 60 वर्ष से अधिक आयु के 5 करोड़ 60 लाख व्यक्ति थे, जो 2007 में बढ़कर 8 करोड़ 40 लाख हो गए। आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 में बुजुर्गों की संख्या 13.8 करोड़ पर पहुंच गयी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की एक स्टडी में ये आंकड़े सामने आए हैं।

कब से और क्यों मनाया जाता है : संयुक्त राष्ट्र ने विश्व में वृद्धों के प्रति हो रहे दुर्व्यवहार और अन्याय के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए 14 दिसम्बर, 1990 को यह निर्णय लिया कि हर साल ‘1 अक्टूबर’ को ‘अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस’ के रूप में मनाया जाए। इस दिवस के माध्यम से बुजुर्गों को सम्मान और अधिकार दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद 1 अक्टूबर, 1991 को पहली बार ‘अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस’ मनाया गया। तभी से यह क्रम जारी है।
1. संयुक्त परिवार की भावना के बिखराव के बाद विश्व में बुजुर्गों की हालत बहुत ही दयनीय हो चली है।

2. करोड़ों बजुर्गों को कई कारणों से आज अकेला रहना पड़ रहा है।

3. लोगों की अपने बुजुर्गों के प्रति यह मानसिकता बन गई है कि इनका बोझ ढोना निप्रयोजन ही है।

4. आज की युवा पीढ़ी अपने में ही व्यस्त है। वह अपने बुजुर्गों से कुछ भी सीखना नहीं चाहती है और न ही उनसे किसी भी प्रकार का संवाद रखना चाहती है।
5. युवा पीढ़ी यह नहीं समझती है कि एक दिन वे भी बुजुर्ग हो जाएंगे तब उनके व्यवहार को देखकर उनके बच्चे भी उनकी अवहेलना ही करेंगे। हम अपने बच्चों को क्या प्रेरणा दे रहे हैं?

6. आज की तथाकथित युवा तथा उच्च शिक्षा प्राप्त पीढ़ी अपने पिता या दादा को बूढ़ा कहकर वृद्धाश्रम में छोड़ देती है या उन्हें वृद्धाश्रम में जाने के लिए मजबूर कर देती हैं, क्योंकि ये तथाकथित युवा पीढ़ी आजादी से जीना चाहती और वह अपनी जिम्मेदारी से भागना चाहती है।
7. आलीशान या कहें या कि अमीर लोगों की पार्टी में आपने कभी बड़े-बुढ़े लोगों को शायद ही देखा होगा क्योंकि लोग अपने बजुर्गों को वहां नहीं ले जाते हैं। इसलिए नहीं ले जाते हैं कि वे उनकी सुंदर लोगों की पार्टी में काले धब्बे की तरह दिखाई देंगे और वहां उनकी इज्जत है। उच्च वर्ग की इसी सोच को मध्यम वर्ग भी फॉलो करता है। यही कारण है कि बूढ़े घर के किसी कोने में अकेले ही पड़े रहते हैं घर की रखवाली के लिए।
8. यदि किसी वृद्ध को अच्‍छी खासी पेंशन मिल रही है तो उसकी घर में थोड़ी बहुत इज्जत होती है या उस पर ध्यान दिया जाता है। कई घरों में तो बूढ़े लोग अपनी पेंशन का खुद ही उपयोग नहीं कर पाते हैं। पेंशन आते ही पुत्र, पुत्रवधु या पोता उस पर कब्जा कर लेता है। उनके हाथ में कुछ भी नहीं रहता है।

9. वृद्ध होने के बाद इंसान को कई रोगों का सामना करना पड़ता है। चलने फिरने में भी दिक्कत होती है। ऐसे बूढ़ों का जीवन तो और भी भी दुर्भर हो जाता है। वे किसी वृद्धाश्रम, अस्पताल या घर के किसी कोने में अकेले ही जीवन की अंतिम सांसे गिन रहे होते हैं।
10. जिन माता पिता ने बच्चों अपने अथक प्रयासों से पाल पोसकर बड़ा किया और अब वे ही बच्चे अपने माता पिता को छोड़कर कहीं और बसेरा बनाकर रहते हैं। बस मोबाइल और वाट्सएप पर ही उनके हालचाल पूछकर इतिश्री कर लेते हैं। बीमार होने पर उनके लिए नर्स रख देते हैं या किसी अन्य के माध्यम से अस्पताल में भर्ती करके बीमा कंपनी को इनफार्म कर देते हैं।

Previous Post

ट्यूनीशिया में पहली बार महिला प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति ने किया नामित

Next Post

श्वेता तिवारी अस्पताल में भर्ती, अभिनव कोहली बोले- सुंदर बनने और बॉडी बनाने के चक्कर में

Next Post
‘कन्यादान’ एड की वजह से मुश्किल में फंसीं आलिया भट्ट, शिकायत दर्ज

श्वेता तिवारी अस्पताल में भर्ती, अभिनव कोहली बोले- सुंदर बनने और बॉडी बनाने के चक्कर में

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Contact Us For Advertising:

info@charchaaajki.in

Important Links

  • Our Team
  • Advertise
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Contact Us

Follow Us

Recent News

‘ये एक्सीडेंट था… कोई रोक नहीं सकता’, अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर अमित शाह का बयान

‘ये एक्सीडेंट था… कोई रोक नहीं सकता’, अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर अमित शाह का बयान

June 13, 2025
करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड का निधन, आखिर संजय कपूर के साथ क्या हुआ था? कैसे हुई मौत?

करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड का निधन, आखिर संजय कपूर के साथ क्या हुआ था? कैसे हुई मौत?

June 13, 2025

© 2016 all rights Reserved with Charcha Aaj ki Media Pvt. Ltd.

No Result
View All Result
  • Home
  • राज्य
    • अरुणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
      • गाजियाबाद
    • उत्तराखंड
    • ओडिशा
    • कर्नाटका
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नगालैंड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश-दुनिया
  • मनोरंजन
    • खेल
    • फ़िल्मी जगत
  • राशिफल
  • व्यापार
  • I-Card Registration

© 2016 all rights reserved with Charcha Aaj ki Media Pvt. Ltd .