अध्यक्ष की तरफ से उठाये गए संदेहास्पद बिन्दु की उच्च स्तरीय जाँच की माँग की जाती है-
१. बिना एस डी एम के सक्षम स्वीकृति के तहसीलदार का स्थल मे पहुंचना एवं ग्रामीणों से मार पीट गाली गलौज करना. इसके साक्षय की मौजूद है.
२. तहसीलदार SDOP के कहने पर स्थल में पहुंचना
पुलिस का संदिग्ध रवैया एवं नशे की हालत में पहुंचना बिना महिला कास्टेबल के तहसीलदार का इसके साक्षय भी मौजूद है ये भी जाँच का विषय है।
३. बिना बीट प्रभारी के एवं बीट प्रभारी को बिना सूचना दिए उस क्षेत्र पहुचना जाँच का विषय है.
४. आरक्षक श्याम लाल कोरी का 3 वर्ष से अधिक समय से एक ही थाने में पदस्थ होना संदेहास्पद है,
५. जब निजी अराजी/ पट्टे की जमीन से 2फुट ही मिट्टी निकाली जा रही थी, खेत समतल के उद्देश्य से निजी कार्य के लिए आपसी सहमति के आधार पर तो अबैध खनन कैसे करार दिया जा रहा है ये भी जाँच का विषय है.
६. अध्यक्ष के वहाँ पहुॅचने के पहले के मजदूरों से मारपीट
एवं गाली गलौज के साक्षय मौजूद है,
७. वह कैसा जनप्रतिनिधि जो अपनी जनता के साथ हो रहे अत्याचार का विरोध न करें. अध्यक्ष को फोन से सूचना मिलने पर तुरंत मौके में पहुच कर पूँछना की मार पीट एवं गाली गलौज क्यों की क्या ग़लत है, जब साहब द्वारा अध्यक्ष कों ही चाटा मारा गया एवं अभद्रता की गयी तो एक आम आदमी के साथ क्या होता होगा? ये की एक जाँच का विषय है।
८ उसी समय सबसे पहले एस पी साहब से भी अध्यक्ष ने फोन में पुलिस की बर्बरता की शिकायत करने का प्रयास किया गया. तभी अध्यक्ष का फोन पुलिस कर्मी ने छीन लिया. इसका वीडियों की मौजूद है।
९. कुछ पुलिस कर्मी एवं साहब नशे की हालत में थे इसका भी वीडियो मौजूद है, ये भी जॉच का विषय है।
११. क्या पुलिम को अधिकार है आम जनता से मारपीट एवं गाली गलौच खन के गाड देने की धमकी व जूते मारने का एवं अध्यक्ष से लेकर गृह मंत्री तक को गाली देने का.
१२. प्रशासन स्थानीय विधायक के प्रभाव में आकर ये कार्यवाही को अन्जाम दिया है, इसकी भी जांच होनी चाहिए?
रिपोर्ट सूरज श्रीवास्तव
मो.9519249671



